Half Yearly Assessment September 2026
Class: 12
Subject: HistoryTime Allowed: 90 MinutesMaximum Marks: 40
सामान्य निर्देश / General Instructions:
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। (All questions are compulsory.)
- प्रश्न पत्र को प्रश्नों के स्वरूप के अनुसार खंडों में विभाजित किया गया है। (Question paper is divided into sections according to the form of questions.)
- बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प छांटकर लिखें। (For answers to MCQs, choose and write the correct option.)
- आपका उत्तर प्रश्न के लिए निर्धारित अंक के अनुसार होना चाहिए। (Your answer should be as per the marks prescribed for the question.)
भाग-अ (Objective Type Questions)
प्रश्न सहित उत्तर1. हड़प्पा सभ्यता में “पुरोहित-राजा” (Priest-King) की प्रसिद्ध मूर्ति कहाँ से प्राप्त हुई थी?
उत्तर: (d) मोहनजोदड़ो
2. मौर्य साम्राज्य के संस्थापक कौन थे?
उत्तर: (b) चंद्रगुप्त मौर्य
3. इब्नबतूता किस देश से भारत आया था?
उत्तर: (a) मोरक्को
4. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
उत्तर: (b) 1336 ई.
5. कबीर के उपदेशों का संग्रह किस ग्रंथ में मुख्य रूप से मिलता है?
उत्तर: (c) बीजक
6. प्रयाग प्रशस्ति की रचना गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त के राजकवि ______ द्वारा की गई थी।
उत्तर: हरिषेण
7. सूफी संत शेख निजामुद्दीन औलिया की दरगाह ______ शहर में स्थित है।
उत्तर: दिल्ली
8. ‘अमुक्तमाल्यद’ ग्रंथ की रचना किस विजयनगर राजा ने की थी?
उत्तर: कृष्णदेवराय
9. तमिल भक्ति साहित्य में प्रसिद्ध ग्रंथ ‘तेवरम्’ किस संप्रदाय के संतों की रचनाओं का संग्रह है?
उत्तर: शैव संप्रदाय
10. कथन और कारणकथन (A): छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मगध सबसे शक्तिशाली महाजनपद बनकर उभरा।
कारण (R): मगध क्षेत्र में लोहे की खदानें, उपजाऊ भूमि और प्राकृतिक सुरक्षा उपलब्ध थी।
उत्तर: (a) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
भाग-ख (Short Answer Questions)
11. हड़प्पा सभ्यता के नगर नियोजन की किन्हीं तीन मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
- हड़प्पा नगरों की सड़कें ग्रिड पद्धति पर बनाई गई थीं जो एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं।
- नगरों में विकसित जल निकासी व्यवस्था थी, जिसमें पक्की नालियाँ और ढकी हुई सीवर प्रणाली थी।
- नगरों को दुर्ग (Citadel) और निचले नगर (Lower Town) में विभाजित किया गया था।
12. सांची के स्तूप के संरक्षण में भोपाल की बेगमों की क्या भूमिका थी?
भोपाल की बेगमों ने सांची स्तूप के संरक्षण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पुरातात्विक कार्यों को आर्थिक सहायता प्रदान की तथा स्मारकों की सुरक्षा में सहयोग किया। बेगम शाहजहाँ ने संग्रहालय और आगंतुक सुविधाओं के विकास में भी सहायता दी। उनके प्रयासों से सांची स्तूप का संरक्षण संभव हो सका।
13. अल-बिरूनी ने भारतीय समाज की वर्ण व्यवस्था का वर्णन किस प्रकार किया?
अल-बिरूनी ने भारतीय समाज को चार वर्णों में विभाजित बताया:
- ब्राह्मण
- क्षत्रिय
- वैश्य
- शूद्र
उसने लिखा कि प्रत्येक वर्ण के कार्य अलग-अलग थे तथा सामाजिक जीवन में ऊँच-नीच की भावना विद्यमान थी। उसने अपने विवरण में धर्मशास्त्रों का भी उपयोग किया।
14. भक्ति आंदोलन के अलवार और नयनार संतों के योगदान पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।
अलवार और नयनार संत दक्षिण भारत के प्रमुख भक्ति संत थे।
- अलवार संत विष्णु के उपासक थे जबकि नयनार संत शिव के भक्त थे।
- उन्होंने स्थानीय तमिल भाषा में भक्ति साहित्य की रचना की।
- उन्होंने कर्मकांड और जातिगत भेदभाव का विरोध किया।
- उन्होंने ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति को मुक्ति का मार्ग बताया।
- इनके प्रयासों से भक्ति आंदोलन को व्यापक लोकप्रियता मिली।
15. विजयनगर साम्राज्य की ‘अमर-नायक’ प्रणाली के प्रमुख लक्षणों का स्पष्टीकरण कीजिए।
- अमर-नायकों को राज्य द्वारा भूमि प्रदान की जाती थी।
- वे भूमि से कर वसूलते थे।
- उन्हें राजा के लिए सैनिक उपलब्ध कराने होते थे।
- वे अपने क्षेत्रों में प्रशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखते थे।
- आवश्यकता पड़ने पर वे केंद्रीय सत्ता को सैन्य सहायता प्रदान करते थे।
भाग-ग (Source Based Question)
16.
(1) अभिलेखशास्त्र किसे कहते हैं?
अभिलेखों का अध्ययन, पठन और उनकी व्याख्या करने की विद्या को अभिलेखशास्त्र (Epigraphy) कहते हैं।
(2) अभिलेखों के ऐतिहासिक अर्थ को समझने में क्या समस्या आती है?
अभिलेखों में प्रयुक्त शब्दों का सही और वास्तविक अर्थ समझना कठिन होता है क्योंकि वे किसी विशेष काल और स्थान से संबंधित होते हैं।
(3) अभिलेख पढ़ने में आने वाली किन्हीं दो तकनीकी समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
- अक्षरों का बहुत हल्का उत्कीर्ण होना।
- अभिलेखों का क्षतिग्रस्त होना या कुछ अक्षरों का नष्ट हो जाना।
भाग-घ (Long Answer Question)
17. हड़प्पा सभ्यता के सामाजिक और आर्थिक जीवन तथा उनकी शिल्प उत्पादन गतिविधियों का विस्तृत विवरण दीजिए।
हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में से एक थी। इसका सामाजिक और आर्थिक जीवन अत्यंत विकसित था।
सामाजिक जीवन
- समाज संगठित एवं सुव्यवस्थित था।
- नगर नियोजन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता था।
- लोगों के पक्के मकान होते थे जिनमें आँगन, स्नानघर तथा कुएँ होते थे।
- स्त्री-पुरुष दोनों आभूषण एवं सुंदर वस्त्र धारण करते थे।
- मनोरंजन के लिए खिलौने, खेल और संगीत का उपयोग किया जाता था।
आर्थिक जीवन
- कृषि प्रमुख व्यवसाय था।
- गेहूँ, जौ, तिल तथा कपास की खेती की जाती थी।
- पशुपालन भी महत्वपूर्ण था।
- व्यापार देश और विदेश दोनों से किया जाता था।
- मानकीकृत बाटों और मापों का प्रयोग होता था।
शिल्प उत्पादन गतिविधियाँ
- मनके निर्माण एक प्रमुख उद्योग था।
- धातु शिल्प में ताँबा, कांसा और सोने का उपयोग होता था।
- मिट्टी के सुंदर बर्तन बनाए जाते थे।
- आभूषण निर्माण का कार्य विकसित था।
- शंख, हाथीदांत और कीमती पत्थरों से वस्तुएँ बनाई जाती थीं।
निष्कर्ष
हड़प्पा सभ्यता का सामाजिक, आर्थिक तथा शिल्प उत्पादन जीवन अत्यंत उन्नत था, जो उनकी उच्च सांस्कृतिक और तकनीकी प्रगति को दर्शाता है।
भाग-ङ (मानचित्र)
मानचित्र में निम्न स्थान अंकित करें:
- बनावली – हरियाणा
- गिरनार – गुजरात (जूनागढ़ के निकट)
- सारनाथ – उत्तर प्रदेश (वाराणसी के पास)
- विजयनगर – कर्नाटक (हम्पी क्षेत्र)
- अजमेर – राजस्थान